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Version:1.02 _2011-12-01 Release date: 2011-12-01

Version:1.02 _2011-12-01 Release date: 2011-12-01 प्रशिक्षक नोट करता हैं: सहभागीयों का स्वागत हैं।खुद कि पहचान दिजिए: मैं मि./मिस. ……., मैं यूआयडीएआय के लिए यह आधार का नामांकन प्रक्रिय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरु कर रहा हूँ। यह पहला सत्र हैं कि सभी सहभागी आधार में शामिल हो रहे हैं।इस सत्र में हम यूआयडीएआय और आधार के बारें में जानकारी लेंगें।परंतु यह करने से पहले

* मेल-जोल प्रशिक्षक कहता हैं: आप को यह चित्र कैसे लगता हैं?( आप को कोई जवाब नहिं मिलेगा,इसलिए अधिक उत्साही दिखनेवाले व्यक्ति को निर्देश कर फ़िर से पूछें।) एक्सपेक्ट टू हिअर (ETH): बर्फ़ के टुकडें प्रशिक्षक: जी हां, चित्र आप को कोई संदेश पहुँचाता हैं क्या? मुझे तो यह हम याने कि यहाँ उपस्थित लोगों जैसे लगते हैं,भयभित और हम से क्या अपेक्षाएं हैं इस बात से अनिश्चित।हमारे गट के दुसरें लोगों के बारे में उत्सुक परंतु संभाषण कैसे शुरु करें यह जानते नहिं। आप में से कुछ लोग एक दुसरें को जानते होंगें परंतुं,आगे के आठं दिन हम साथ रहनेवाले हैं और मिलनेवाले हैं तो चलो एक दुसरें के बारें में जानते हैं।इसलिए हम एक खेल खेलेंगें: मेल-जोल: इस के दो मुख्य कार्य हैं: हम पहचान कि नाम से तुलना करेंगें और एक दुसरें के बारे में जानेंगें। हम जोडी तयार करेंगें और एक दुसरे कि जानकारी पाएंगें। हम सहयोगी से उन का नाम,आयु और पता पुछेंगें।एक दुसरे के बारे में जानकारी पाने के लिए हम सिर्फ़ दो मिनिटस बिताएंगे। <सहभागीयों को दो मिनिटस दे> मैं आपसे अभी पूछना चाहता हूँ-पहचान क्या हैं? सारांश-व्यक्तिगत लक्षण जिस से व्यक्ति या चीज पहचानी या जानी जाती हैं;उसे पहचान कहते हैं। <दो-तीन लोगों से जवाब लें> अगर मैं आप के सहभागी को नाम से ना पुकारू, उनका विस्तृत वर्णन करु या विशिष्टता बताउं तो आप को पहचानना हैं कि क्या मैंने आप के सहभागी का वर्णन किया हैं। अगर हां हैं तो आप का हात उपर उठाइए और उस व्यक्ति का नाम बताइए।जिस व्यक्ति का नाम बताया गया हैं वह कृपया खडे रहें; हम देखेंगे कि क्या सचमुच वह दिए हुए वर्णन जैसे है। (लंबाई,वजन,बालोंका तरीका, आँखे,आइब्राउ,होठ,कान इ. का विस्तृत वर्णन करें।व्यक्ति कि शारिरीक पहचान होने के बाद;उन्हे प

* उद्देश्य आप इस भाग में सीखेंगें युनिक आयडेंटी(विशिष्ट पहचान) का विवरण करना । आधार परिभाषित करना। यूआयडीएआय परिस्थितिक तंत्र परिभाषित करना । आधार से प्राप्त लाभ कि व्याख्या करना। आधार संदेश जिस पद्धतीसे फ़ैला है उस कि रुपरेखा तैयार करना। प्रशिक्षक वर्णन करता है: इस भाग के उद्देश्य हैं <स्लाइड से पढें> आप इन उद्देश्यों को कैसे प्राप्त करेंगे? सभी में भाग लेकर और क्लास में हुए चर्चा में सतर्क और सहभागी रहें।कृपया आप के सेल फ़ोन्स/मोबाईल्स नि:शब्द रखिए।आप में से कुछ लोग इस विषय के बारें में बहुत कुछ जानते होंगे,कृपया आप के सुझाव और टिप्पणी के लिए प्रतिक्षा करें।हम उनका स्वागत करेंगें परंतु उस से सत्र चालू रखना अस्त-व्यस्त नहीं होना चाहिए।अगले आठ दिन क्या हम सभी इन साधारण नियमों का पालन करने में सहमत हैं? अगले स्लाइड के लिए परिवर्तन करें। 

* यूआयडीएआय यूनिक आयडेंटीफ़िकेशन ऍथोरीटी ऑफ़ इंडिया यूआयडीएआय को योजना आयोग द्वारा 28 जानवरी, 2009 को योजना आयोग के अंतर्गत एक अधिनस्थ कार्यालय के रुप में अधिसूचित किया गया था। यूआयडीएआय एक नियामक प्राधिकरण हैं जो सेंट्रल आयडेंटिटिज डाटा रीपॉजिटरी (सीआयडीआर) का प्रबंधक हैं,जो आधार जारी करता हैं, निवासी कि माहिती सुधार करता हैं,और निवासी कि पहचान को आवश्यकतानुसार प्रमाणित करता हैं। प्रशिक्षक कहता हैं: आगे बढने से पहले,मैं आप के साथ यूआयडीएआय के कुछ मुद्दे बांटना चाहता हूँ: इस के लिए यह एक परिवर्णी शब्द हैं: यूनिक आयडेंटीफ़िकेशन ऍथोरीटी ऑफ़ इंडिया यूआयडीएआय को योजना आयोग द्वारा 28 जानवरी, 2009 को योजना आयोग के अंतर्गत एक अधिनस्थ कार्यालय के रुप में अधिसूचित किया गया था। यूआयडीएआय एक नियामक प्राधिकरण हैं जो सेंट्रल आयडेंटिटिज डाटा रीपॉजिटरी (सीआयडीआर) का प्रबंधक हैं,जो आधार जारी करता हैं, निवासी कि माहिती सुधार करता हैं,और निवासी कि पहचान को आवश्यकतानुसार प्रमाणित करता हैं। हम जैसे जैसे प्रगति करेंगें वैसे वैसे सीआयडीआर,आधार इ. के बारें में इस और दुसरे भागों में विस्तृत जानकारी पाऎंगे। परंतु उस से पहले हम कुछ केसेस देखेंगे जिस में पहचान प्रमाणपत्र कि अभाव से लोगों कों कितनी परेशानियाँ हुई,और वे भारत के निवासी को प्राप्त होनेवाले लाभ पाने के लिए दावा भी कर न सकें। परिवर्तन: आगे कि स्लाईड दिखाएं।

* केस1 सुनिल कुमार,एक मोटर मैकेनिक हैं,जो दुसरें राज्य से स्थानांतरित हुवा हैं। वह एक राष्ट्रीयकृत बैंक में बचत बैंक खाता शुरु करना चाहता हैं। बैंक ने उसे अपना पहचान प्रमाणपत्र और पता प्रमाणपत्र दाखल करने कहा हैं। सुनिलकुमार के पास कोई पहचान प्रमाणपत्र नहिं हैं। प्रशिक्षक कहता हैं: आप में से कोई केस पढेगा तो मुझे अच्छा लगेगा। <गट के प्रकार पर आधारित, किसी एक सहभागी को स्क्रिन से केस पढने को कहें।अगर गट आत्मविश्वासी नहिं हैं तो केस आप खुद पढें।>

* सुनिलकुमार जो पैसे स्वयं उपार्जन करता हैं उसे घर में रखता हैं। यह पैसे खो देने का डर उसे हमेशा रहता हैं। सरकारी योजनाओं के तहेत कोई कर्ज उठा नहिं सकता। उसे सडक किनारें शेल्टर खडा कर एक मोटर साइकल दुरुस्ती दुकान तैय्यार करनी हैं। क्रमागत.

* केस2 ए.आर.विजय और विजय आर. दोनो राज्य शासन बस्ती पुर्नवास योजना के तहत घर लेने के लिए पात्र हैं। ए.आर विजय के पास इस योजना के अंतर्गत पात्रता सिद्ध करने के लिए आवश्यक दस्तावेज हैं। विजय आर. के पास उस कि पहचान सिद्ध करने के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं। अभी विजय आर. बेघर हैं और अपने परिवार के साथ फ़ुटपाथ पर रहता हैं। किसी दुसरें सहभागी को यह केस पढने को कहें।

* केस 3 निता वाय.,एक 66 साल कि वृद्ध महिला बिलो पॉवर्टी लाईन (बीपीएल) के नीची श्रेणी में आती हैं।विभिन्न सरकारी योजनाएँ बीपीएल व्यक्तियों के लिए मौजूद हैं।यह योजनाएँ इस तरह के वंचित लोगों को राशन,वृद्धावस्था पेंशन आदि प्रदान करते हैं। परंतु निता के पास पहचान दस्तावेज ना होने के कारण वह इन सरकारी योजनाओं से यह लाभ प्राप्त करने में असमर्थ हैं। प्रशिक्षक कहता हैं: चलो यह तिसरी केस पढते हैं।इन लोगों कि परेशानी का समान घटक कौनसा है?योग्य पहचानपत्र का अभाव। इसलिए यह पता चलता हैं कि: योग्य पहचानपत्र के अभाव से,मुख्यत: लाभ उठाने में असमर्थ। इस का मतलब हैं कि हम सभी को विशिष्ट पहचान प्राप्त करनी होगी जो साबित करेगी।

* आप को क्या अलग करता हैं? ऍड करने के लिए क्लिक करें। प्रशिक्षक कहता हैं: हम अभी “विशिष्ट पहचान” देखेंगे। आप मुझे बताइए कि कौनसी चीज आप को विशिष्ट पहचान देती हैं जो आप को दुसरों से अलग बनाती हैं: कार्यक्रम शुरु करने से पहलें हम एक छोटासा खेल खेलेंगें: मेल जोल,इस में हम देखेंगे कि एक व्यक्ति उस के शारिरीक अभिलक्षण और नाम से कैसे पहचानी जाती हैं ।इस बडे देश में,समान नाम के अनेक व्यक्ति आप को अवश्य मिलें होंगे। क्या आप मुझे कुछ समान नाम बताऎंगें? ईटीएच: अनिल गुप्ता बालसुब्रमणियन समीर पटेल विजय कुमार… हां…सूचि बहुत लंबी होगी। परंतु आप विशिष्ट हो,अलग हो,आप कैसे सिद्ध करोगे?

* आप विशिष्ट हैं यह आप को इस तरह अलग करता हैं: नाम जन्मस्थान जन्मदिन लिंग पिता/पति/ माता/पत्नि/ पालक का नाम शिक्षा प्राप्त किए हुए विद्यालय / महाविद्यालय का नाम पता आप का चेहरा प्रशिक्षक कहता हैं: हां आप विशिष्ट हैं। हां…सूची अनंत हैं, इसलिए हम दुसरी जानकारी को देखते हैं जैसे कि < स्लाइड कि सूची से पढें> और उसे तस्वीर के साथ तुलना करें! अभी वह जानकारी सामान्यत: कैसे सत्यापित करतें हैं? <सभी जवाब स्वीकार करें और बाद में कहें> ऊपर दी हुई सभी जानकारी विभिन्न दस्तावेजों के आधार पर जाँची जा सकती हैं,जैसे कि: जन्म प्रमाणपत्र स्कूल छोडने का प्रमाणपत्र राशन कार्ड ड्राइविंग लाइसन्स, इ. इस जानकारी को जनसांख्यिकिय डाटा कहलाती हैं। परिवर्तन: अगली स्लाइड दिखाईए।

* जनसांख्यिकिय और बायोमेट्रिक डाटा जनसांख्यिकिय जानकारी -राष्ट्रीयता,आयु.शिक्षा,धर्म,रोजगार कि स्थिती बायोमेट्रिक जानकारी आईरीस,उंगलियों के निशान, चेहरा प्रशिक्षक कहता हैं: इसलिए हम में से बहुत लोगों के पास जनसांख्यिकिय सबूत सत्यापन के लिए अभिलिखित और उपलब्ध हैं।व्यक्तिविशेष जानकारी,जो सरकारी दस्तावेजों से जैसे कि नाम,पता,जन्मदिन और जादा प्राप्त किए जा सकते हैं उन्हे जनसांख्यिकिय जानकारी कहते हैं।यह जानकारी राष्ट्रीयता,आयु,शिक्षा,धर्म,रोजगार कि स्थिती,आदी से संबंधित होती हैं।विशेषत: पासपोर्ट,राशन कार्ड,स्कूल प्रवेश आदी आवेदन पत्र भरते समय दी गयी सूचना से यह जनसाख्यिंकिय जानकारी एकत्र कि जाती हैं। हालांकि जन्मप्रमाणपत्र ऎसा दस्तावेज हैं जो शासन ने सबसे पहले अनिवार्य किया हैं वो हि बहुत लोग बनाते नहिं हैं।इसलिए कि यहाँ ऎसे लोग हैं जो कभी स्कूल गए ही नहीं।अधिकतर वह गरीबी कि वजह से स्कूल गए नहीं। प्रश्न: यह लोग क्या सबूत दे सकतें हैं? आप कि पहचान बनाने में कौनसे प्रकार का डाटा अधिक उपयुक्त हैं क्या यह कोई बता सकता हैं? हां वह हैं : बायोमेट्रिक जानकारी <कि एक बार क्लिक करें> यह हमारें शरीर और शारिरीक भागों से और हमारे बर्ताव से संबंधित हैं।शारिरीक लक्षण जैसे कि आईरीस,फ़िंगर-प्रिंट,चेहरा इ.संबंधित जानकारी को बायोमेट्रिक जानकारी कहते हैं। चलिए बायोमेट्रिक डाटा देखें…

* आप के उंगलियों के निशान विशिष्ट हैं। प्रशिक्षक कहता हैं: फ़िंगर प्रिंटस – हमारें उंगलियों के सिरें कि रेखाएं विशिष्ट होती हैं और उन का फ़ोटोग्राफ़ लेकर भविष्य में संदर्भ के लिए स्टोर किया जा सकता हैं।इस प्रकार कि पहचान को कई संस्थाओं ने स्वीकारा हैं जिस में हमारी न्याय व्यवस्था(कोर्ट) और आर्थिक संस्थाएं (बैंक)इत्यादि शामिल हैं।

* आप कि आईरीस विशिष्ट हैं। प्रशिक्षक कहता हैं: हां आप विशेष हैं। आइरीस – यह आँख का एक भाग हैं जिस का हर व्यक्ति के लिए विशिष्ट आकार हैं,जैसे कि फ़िंगर प्रिंट।आज,हर व्यक्ति कि आइरीस कि डिटेल्स कॅप्चर करना आसान हैं और उसे फ़ोटोग्राफ़ के रुप में संग्रहित कर सकते हैं। हर व्यक्ति के लिए डिटेल्स के यह दो सेटस विशिष्ट होते हैं।किसी दो व्यक्तियों के फ़िंगर प्रिंटस और आइरीस एकसमान नहीं होते।कम्प्युटर टेक्नॉलॉजी ने तेज गती से यह रेकॉर्ड बनाना और ऎसे विशिष्ट डाटा कि तुलना करना शक्य बनाया हैं। Thus your most of your unique identity proof are identity is complete when both demographic information and biometric information are recorded and available for verification. That brings us to the next question ….

* पहचान प्रमाणन क्या हैं इन कि सत्यता जाँच करनी हैं पहचान के बारे में जानकारी बायोमेट्रिक माहिती के बारे में जानकारी प्रशिक्षक कहता हैं: दस्तावेज होना व्यक्ति को उस कि पहचान स्थापित करने अनुमती देता हैं,परंतु सेवाएँ पहुचाँनेवाली संस्थाएँ इन दस्तावेजों को कैसे जाँचे और वह दस्तावेज उसी व्यक्ति के हैं जिस ने दस्तावेज प्रस्तुत कि हैं यह निश्चित कैसे करें?   दस्तावेजों का सत्यापन यह पहचान प्रमाणित करने का बडे पैमाने पर और नियमित आधार पर व्यावहारिक मार्ग नहीं हैं।उदाहरणार्थ,बैंक के ग्राहक या बडे व्यवस्थापन के कर्मचारी।   यह प्रमाणित करने का एक मार्ग हैं व्यक्ति का फ़ोटोग्राफ़ सहित आयडेंटी कार्ड जारी करना।   अनेक संस्थाएँ जैसे कि बैंक और बीमा कंपनियाँ पहचान सत्यापन के लिए हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान उपयोग करतें हैं।   इस के लिए बैंक खाता खोलते समय या बिमा पालिसी के आवेदन करते समय सभी लोगों का नमूना हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान जमा करना आवश्यक हैं।   असल में सद्य स्थिती यह हैं कि,पहचान सत्यापन के लिए व्यक्ति ने उपयुक्त दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य हैं।प्रतिदिन कि गतविधियों के लिए व्यक्ति कि फ़ोटो पहचान या पहचानने लायक हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान देना अनिवार्य हैं।    राशन कार्ड/पीडीएस फ़ोटो कार्ड,वोटर आयडी कार्ड,किसान फ़ोटो पासबुक,इ. दस्तावेज आरंभ में व्यक्ति कि पहचान की जांच पडताल करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।हर रोज या नियमित आधार पर हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान भी पहचान की जांच पडताल के लिए उपयोगी हो सकते हैं।   परंतु इस से जिन लोगों के पास यह दस्तावेज नहीं हैं, उन कि समस्याएं हल नहीं होगी।  

* इन कि सत्यता जाँच करनी हैं पहचान के बारे में जानकारी बायोमेट्रिक माहिती के बारे में जानकारी आगे… बायोमेट्रिक स्वीकृती   आप देख सकते हैं,व्यक्ति के विशिष्टता कि सत्यापन कि प्रक्रिया आसान नहीं हैं।कोई भी एक मापदंड व्यक्ति को विशिष्ट रुप से पहचान नहीं पाएगा।   एक छत के नीचे रहनेवाले जुडवा भाईयों कि पहचान कैसे करेंगे?   इस प्रकार हम देखते हैं कि सरकारी तथा प्राइवेट क्षेत्र कि संस्थाओं से प्राप्त होनेवाली सेवाओं के लिए पात्र बनने में कई स्तर पर जाँच पडताल होती हैं।कई तरह से जाँच पडताल करने का अर्थ हैं बहुत पैसा,समय और परिश्रम व्यर्थ करना।   व्यक्ति कि पहचान कि जाँच कि समस्या पर बायोमेट्रिक सत्यापन यह उत्कृष्ट उपाय हैं। इसलिए… अगला स्लाइड दिखाइए:

* यूनिक आयडेंटीफ़िकेशन नंबर आधार प्रशिक्षक कहता हैं: भारतीय निवासीयों के लिए पहचान का विशिष्ट रुप हो ऎसी भारत सरकार से कल्पना कि गई।व्यक्ति के जनसांख्यिकिय और बायोमेट्रिक जानकारी से जुडा विशिष्ट नंबर प्रत्येक व्यक्ति कि पहचान पर आधारीत हैं। इस नंबर को आधार नाम दिया गया हैं। आधार का मतलब हैं फ़ाऊंडेशन इस विशिष्ट नंबर कि विशेषताएँ इस प्रकार हैं: <आगे कि स्लाइड दिखाईए>

* यह क्या हैं: एक संख्या (12 अंक) हर व्यक्ति के लिए,शिशुओं सहित सभी को एक अद्वितिय आय डी नंबर दिया जाएगा। पहचान समर्थ बनाता हैं, और वह हर निवासी के लिए हैं। व्यक्ति कि विशिष्टता स्थापित करने के लिए जनसांख्यिकिय और बायोमेट्रिक जानकारी जमा और रिकॉर्ड करेगा। स्वैच्छिक मौजूदा दस्तावेज के बावजूद,हर निवासी के लिए हैं। यूआयडीएआय एक सार्वभौमिक पहचान कि सुविधा को समर्थ बनाता है जो कि राशन कार्ड, पासपोर्ट आदि की तरह किसी भी आईडी आधारित अनुप्रयोग, का उपयोग करने में सक्षम हो जाएगा। यूआयडीएआय कोई भी पहचान प्रमाणीकरण प्रश्नों के लिए एक "हाँ" या "नहीं " जवाब देगा। आधार प्रशिक्षक कहता हैं:< हर वाक्य पढने के लिए अलग अलग सहभागीयों को कहें> मुझे कमरे के बायीं तरफ़ से शुरु करना अच्छा लगेगा और एक के बाद एक को पॉईंट पढने कहूँगा :

* यह क्या नहिं हैं बस एक और कार्ड प्रति परिवार एक नागरिकता स्थापित करता हैं और केवल भारतीयों के लिए ही है। जाति, धर्म, भाषा के रूप में रूपरेखा जानकारी एकत्रित करेंगे। अनिवार्य केवल उन व्यक्तियों के लिए, जिन के पास पहचान दस्तावेजों हैं। Iव्यक्तिय कई आधार प्राप्त कर सकते हैं। आधार अन्य सभी आईडी का स्थान ले लेगा। आधार प्रशिक्षक कहता हैं:< पढने के बाद नीचे दिए हुए तरीके से सारांश निकाले >. भारत के हर निवासी के लिए वह औचक तौर पर बनाया गया हुवा एक बारह अंको वाला क्रमांक होगा।उदाहरणार्थ: 2653 8564 4663. इस क्रमांक को विशिष्ट पहचान(यूआयडी) क्रमांक या आधार क्रमांक कहा जाएगा। यह क्रमांक विशिष्ट होगा,जिसका अर्थ हैं कि कोई भी दो निवासीयों का समान क्रमांक नहीं होगा। किसी निवासी के दो क्रमांक नहीं हो सकते क्योंकी आधार सिर्फ़ प्रमाणित जानकारी जैसे नाम,आयु,पता पर ही आधारीत नहीं हैं;बल्की हर व्यक्ति की विशिष्ट बायोमेट्रिक जानकारी पर भी आधारीत हैं। धोका-धडी रोकने के लिए आधार क्रमांको के साथ कोई भी अधिक जानकारी या संरचना नहीं जुडी होगी।लॉटरी निकालने जैसे या पासा फ़ैंकने जैसे वह एक रैंडम (अपने आप निकलनेवाला) क्रमांक होगा। आधार का उपयोग मात्र पहचान बनाने के लिए होगा।यह नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। भारत के निवासी के लिए आधार क्रमांक लेना अनिवार्य नहीं हैं।यह ऎच्छीक होगा।फ़िर भी,भविष्य में,कुछ विशिष्ट सेवा प्रदाता (सरकारी या प्राइवेट संस्थाएं)अपनी सेवाएं देते समय व्यक्ति के आधार क्रमांक का होना जरुरी बना सकती हैं। उदाहरणार्थ,भविष्य में,सार्वजनिक वितरण व्यवस्था(पीडीएस)विभाग राशन कार्ड का वितरण व्यक्ति के आधार क्रमांक पर कर सकता हैं और वह क्रमांक राशन कार्ड पर अंकित हो सकता हैं।

* आधार प्राप्त करना प्रशिक्षक पूछता हैं: क्या निवासी को आधार मिलेगा? <कुछ सहभागीओं के जवाब के बाद,आकृती फ़िर से देखें और विवरण करें> कहें: निवासी एनरोलमेंट एजन्सी में जाता हैं,जहाँ जनसांख्यिकिय और बायोमेट्रिक डाटा जमा किया जाता हैं।बाद में उसे रजिस्ट्रार द्वारा सीआयडीआर याने कि सेंट्रल आयडी डाटा रीपॉजिटरी जो यूआयडीएआई से नियंत्रित हैं को भेजा जाता हैं।वहाँ स्थित डेटा के साथ उस कि जांच होगी ताकि व्यक्ति कि पुन: नामांकन न हो यह निश्चित होगा। एकबार वह प्रमाणित होने के बाद एक क्रमरहित क्रमांक उत्पन्न किया जाएगा और उस पहचान को निर्धारीत किया जाएगा।यह आधार का यूआयडी क्रमांक हैं।उस के बाद वह निवासी को पत्र द्वारा भेजा जाएगा।

* यूआयडीएआई के लक्ष्य और मिशन : भारत के निवासियों को आधार प्रदान करने के लिए: आसानी से,जल्दी और एक लागत में प्रभावी तरीके से सत्यापित किया जा सकता है। नकली और गलत पहचान को समाप्त कर सकते हैं। प्रशिक्षक कहता हैं: अभी विस्तृत रुप से यूआयडीएआई के समायोजन का कारण देखतें हैं। यूआयडीएआई के उद्देश्य और लक्ष्य हैं:   यूआयडीएआई भारत के निवासियों को आधार क्रमांक देगा जो की -   स्पष्ट प्रकार से,सरलता से,जल्दी से और कम लागत में जाँचा जा सकता हैं। नकली तथा फ़र्जी पहचान को हटाना।   भारत में हमारे पास पहले से विशाल आधारभूत व्यवस्था हैं,जैसे की सार्वजनिक और प्राइवेट संस्थाएं –सरकार के कई सारे विभाग,बैंक,बीमा कंपनियाँ,तेल कंपनियाँ आदि.यूआयडीएआई इस वर्तमान आधारभूत व्यवस्था का उपयोग जनसंख्या के हर घटक तक पहुंचने के लिए करेगा।  यूआयडीएआई देश के सभी निवासियों को शामिल करने के उद्देश्य से आरंभ हुवा हैं;पर उस का जादा जोर इस बात पर रहेगा,के भारत के गरीबों का एनरोमैंट हो जाए। सामान्य रुप से गरीबों के पास उन की पहचान साबित करने के दस्तावेज नहीं होते हैं।किसी भी कठिनाई या किसी भी तकलीफ़/पीडा के बीना हर व्यक्ति को एक आधार क्रमांक दिया जाएगा।

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Name: 
module1_uidai_and_aadh...
Author: 
Mundkur
Company: 
N/A
Description: 
Version:1.02 _2011-12-01 Release date: 2011-12-01
Tags: 
करन | आयड | पहच | करत | एआय | सकत | सरक | आवश
Created: 
8/21/2010 1:21:46 AM
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